घर का वास्तु
08 मार्च 2026
वास्तु गुरु
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वास्तु के अनुसार घर की दिशाएं
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का महत्व
वास्तु शास्त्र में आठ दिशाओं का विशेष महत्व है। प्रत्येक दिशा का अपना तत्व और प्रभाव होता है।
**उत्तर दिशा (North)**: यह कुबेर की दिशा है और धन-संपदा का प्रतीक है। इस दिशा में खुला स्थान रखना शुभ माना जाता है।
**पूर्व दिशा (East)**: सूर्य की दिशा है और जीवन ऊर्जा का प्रतीक है। मुख्य द्वार इस दिशा में होना बहुत शुभ माना जाता है।
**दक्षिण दिशा (South)**: यह यम की दिशा है। इस दिशा में भारी वस्तुएं रखना उचित होता है।
**पश्चिम दिशा (West)**: वरुण की दिशा है। इस दिशा में पानी का स्त्रोत अच्छा माना जाता है।
**उत्तर दिशा (North)**: यह कुबेर की दिशा है और धन-संपदा का प्रतीक है। इस दिशा में खुला स्थान रखना शुभ माना जाता है।
**पूर्व दिशा (East)**: सूर्य की दिशा है और जीवन ऊर्जा का प्रतीक है। मुख्य द्वार इस दिशा में होना बहुत शुभ माना जाता है।
**दक्षिण दिशा (South)**: यह यम की दिशा है। इस दिशा में भारी वस्तुएं रखना उचित होता है।
**पश्चिम दिशा (West)**: वरुण की दिशा है। इस दिशा में पानी का स्त्रोत अच्छा माना जाता है।